Inspiration

नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः।  शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः।।  ( अर्थात् )  तू अपना नियत कर्तव्य कर्म कर क्योंकि कर्म न करने की अपेक्षा कर्म करना श्रेष्ट है,  कर्म न करने से तो तेरी यह जीवनयात्रा भी सफल नही हो सकती है |

Late Smt. Vimla Mehrotra
18th September 1939 - 19th May 1985

नियतं कुरु कर्म त्वं कर्म ज्यायो ह्यकर्मणः।

शरीरयात्रापि च ते न प्रसिद्ध्येदकर्मणः।।

तू अपना नियत कर्तव्य कर्म कर क्योंकि कर्म न करने की अपेक्षा कर्म करना श्रेष्ट है,

कर्म न करने से तो तेरी यह जीवनयात्रा भी सफल नही हो सकती है |

Born in Lucknow, Late Smt. Vimla Mehrotra was an established and impeccable Sanskrit scholar and a laureate, popular for her passion for teaching Sanskrit. She was a philanthropist, who touched innumerable lives with her empathy, compassion, iron will and vision.

Seth Anandram Jaipuria School, Alambagh Campus, is dedicated to the society in her memory and with her blessings. It is a gratitude of the family to a scholarly lady like her.